Bank FD Rules 2025
Bank FD Rules 2025 :बैंक FD के नियमों में बड़ा बदलाव बैंक में है FD तो सावधान!
बैंक एफडी के नियमों में 2025 में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जो हर निवेशक को जानना चाहिए। इन नए नियमों के कारण ब्याज दर, निकासी, TDS और सूचना के तरीके में परिवर्तन आया है। निवेश से पहले इन बदलावों के बारे में सतर्क रहना जरूरी है.
आरबीआई के बड़े बदलाव
छोटी एफडी की निकासी: अब ₹10,000 से कम की एफडी को तीन महीने के भीतर निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
गंभीर बीमारी में निकासी: गंभीर बीमारी की स्थिति में भी तीन महीने के भीतर पूरी एफडी निकाली जा सकती है, लेकिन ब्याज छोड़ना होगा।
पब्लिक डिपॉजिट नियम: 3 महीने के भीतर ₹5 लाख तक की पब्लिक डिपॉजिट का 50% हिस्सा निकाला जा सकता है, इसमें भी ब्याज की छूट नहीं मिलेगी।
इमरजेंसी खर्च: प्राकृतिक आपदा या सरकार द्वारा घोषित आपदा की स्थिति में FD निकालने का विकल्प मिलेगा।
मच्योरिटी सूचना: अब NBFCs को FD की मच्योरिटी की सूचना 14 दिन पहले देनी होगी, पहले यह सूचना 2 महीने पहले आती थी।
TDS के नए नियम
TDS छूट की सीमा: बजट 2025 के बाद 1 अप्रैल 2025 से TDS छूट की सीमा बढ़ा दी गई है। अब सामान्य नागरिकों के लिए छूट की सीमा ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1 लाख है।
ब्याज सीमा से अधिक अर्जित होने पर: यदि FD पर अर्जित ब्याज छूट सीमा से ऊपर जाता है, तो TDS 10% की दर से कटेगा। कुल ब्याज आपकी टैक्सेबल इनकम में जुड़ जाएगा।
फॉर्म 15G/15H: यदि आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो फॉर्म 15G (सामान्य नागरिक) या 15H (वरिष्ठ नागरिक) से TDS से बचाव संभव है।
अन्य जरूरी बातें
ब्याज दरों में बदलाव: जून-जुलाई 2025 में कई बड़े बैंकों ने FD पर दी जाने वाली ब्याज दरों में 10-25 बेसिस पॉइंट तक कटौती की है, जिसका असर नए निवेश पर पड़ता है।
न्यूनतम- अधिकतम जमा सीमा: अब अधिकांश बैंकों में न्यूनतम एफडी राशि ₹1,000 या ₹10,000 से शुरू होती है, उपर की सीमा लगभग नहीं है।
प्रीमच्योर विद्ड्रॉल: समय से पहले निकासी पर 1% तक पेनल्टी ली जाती है।
सावधानी और सुझाव
FD कराने से पहले अपडेटेड नियम जरूर पढ़ें।
ब्याज दर, TDS सीमा, निकासी सुविधा और पेनल्टी को समझकर ही निवेश करें।
किसी भी आपातस्थिति में निकासी के बदले ब्याज का नुकसान भी समझें।
वित्तीय योजना बनाते समय FD नियमों को ध्यान में रखें.
इस बदलाव के बीच FD निवेशकों के लिए पारदर्शिता, सुरक्षा और टैक्स राहत बढ़ी है। हेल्पलाइन/बैंक वेबसाइट से सही सूचना पाकर निवेश करें