UPI And Income Tax
यूपीआई से रोजाना छोटी या बड़ी पेमेंट करने पर, आयकर विभाग अब ट्रांजेक्शन पैटर्न पर भी नजर रखने लगा है—अगर पैसों का लेन-देन किसी सर्विस, बिजनेस, फ्रीलांसिंग या ट्यूशन जैसी इनकम के लिए हो रहा है और उसे ITR (Income Tax Return) में नहीं दिखाया गया, तो नोटिस या पेनल्टी आ सकती है. अगर आप लोग भी यूपीआई का पूरा नियम जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल के माध्यम आप लोग जान सकते हैं।
UPI का दैनिक लिमिट क्या है?
एनपीसीआई के नियम अनुसार एक खाते से रोजाना अधिकतम ₹1 लाख तक UPI ट्रांजेक्शन किया जा सकता है.
अधिकांश ऐप्स (Paytm, Google Pay, PhonePe) की भी यही लिमिट है: ₹1,00,000/दिन.
एक दिन में 20 से अधिक ट्रांजेक्शन करने पर भी परेशानी आ सकती है—सिस्टम द्वारा ट्रांजेक्शन ब्लॉक या लिमिट पूरा होने पर अस्वीकृति संभव है.
आयकर विभाग की नजर किस पर?
बार-बार एक जैसी रकम एक ही खाते या मोबाइल नंबर पर भेजना, किसी सर्विस प्रोवाइडर को नियमित पेमेंट करना इत्यादि, इनकम का संकेत माना जा सकता है और ऐसे मामलों में ITR में इसका उल्लेख न करने पर नोटिस आ सकता है.
अगर साल में ₹1 लाख से ज्यादा फ्रीलांसिंग, ट्यूशन, ऑनलाइन बिजनेस आदि का पैसा UPI से मिला है, तो उसे आयकर रिटर्न में दिखाना अनिवार्य है.
घर-परिवार की सामान्य ट्रांजैक्शन (जैसे किराने, दूध, आदि) टैक्सेबल नहीं मानी जाती जब तक वह इनकम के रूप में नहीं है.
UPI से जुड़े Tax Notice से बचाव कैसे करें?
सभी बिजनेस, फ्रीलांसिंग या सर्विस के UPI लेनदेन को ITR में सही-सही दिखाएं और रिकार्ड बनाए रखें.
अगर कुल सालाना आय ₹2.5 लाख से कम है, तो टैक्स नहीं लगता, लेकिन पेमेंट पैटर्न अगर आयकम का संकेत दे रहा है तो भी डिटेल देना जरूरी है.
केवल दोस्तों, परिवार की ट्रांजेक्शन करें तो कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर “इनकम” या सेवाओं के लिए है तो खिलासा जरूरी है.
UPI And Income Tax
आसान भाषा में सलाह
रोजाना छोटे-छोटे UPI ट्रांजेक्शन (₹100-₹400) एक साल में लाखों बन सकते हैं, इसलिए अगर ये पेमेंट बिजनेस या सर्विस के लिए आ रहा है, तो उसे टैक्स नियमों के तहत देखें.
जानकारी छिपाने पर नोटिस या पेनल्टी की आशंका रहती है—पूरी डिटेल समय से दर्ज करें.
निष्कर्ष
UPI का दैनिक लिमिट ₹1 लाख है.
इनकम या नियमित सर्विस के पैसे जरूर ITR में दिखाएं.
आयकर विभाग पैटर्न पर नजर रखता है, ट्रांजेक्शन छुपाने पर नोटिस आ सकता है.
यह जानकारी 2025 के नए आयकर और UPI नियमों के अनुसार है; समय-समय पर नियम बदल सकते हैं, अतः अपडेटेड गाइडलाइन हमेशा देखें